Starfish Review: ‘एनिमल’ की रिलीज से पहले टी सीरीज का नजरबट्टू, हर तरफ लोबान सा सब धुआं धुआं
ऐसी उम्मीद की जाती है कि इंसान अपनी गलतियों से सीख कर आगे कुछ और बेहतर काम करने की कोशिश करता रहता है। लेकिन अगर गलतियों में सुधार न दिखे तो यही माना जाता है कि इंसान अपनी गलतियों को सुधार कर बेहतर काम करना ही नहीं चाहता है।
ऐसी उम्मीद की जाती है कि इंसान अपनी गलतियों से सीख कर आगे कुछ और बेहतर काम करने की कोशिश करता रहता है। लेकिन अगर गलतियों में सुधार न दिखे तो यही माना जाता है कि इंसान अपनी गलतियों को सुधार कर बेहतर काम करना ही नहीं चाहता है। अभिनेत्री खुशाली कुमार और निर्देशक अखिलेश जयसवाल के करियर की दूसरी फिल्म 'स्टारफिश' इसका बिल्कुल सटीक उदाहरण है। खुशाली कुमार इस फिल्म से पहले 'धोखा- राउंड ऑफ कॉर्नर' कर चुकी हैं और निर्देशक अखिलेश जायसवाल इससे पहले फिल्म 'मस्तराम' का निर्देशन कर चुके हैं। इन दोनों की पहली फिल्म के मुकाबले 'स्टारफिश' बहुत ज्यादा कमजोर फिल्म है। कहानी ऐसी उलझी हुई है कि शायद फिल्म बनाने वालों ने भी इसे देखने के बाद इससे उम्मीद छोड़ दी और रही सही कसर इसका प्रचार देख रही कंपनी ने पूरी कर दी।
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